विचार
आज विजयादशमी है, पर लग नहीं रहा की आज विजयादशमी है
न तो यहा राम है न ही राम राजू | लोग सिर्फ उत्सव मनाते
है पर कभी, , इस उत्सव के उद्देश्य को नहीं समझते । लगभग
सभी जानते होंगे की दशहरा क्यों मनाते है। आज के दिन अच्छाई
की बुराई पर जीत हुई थी। पर मैं एक प्रश्न आप सभी के समझ प्रस्तुत करना चाहता हूँ की क्या आप कभी अपने मन की बुराई पर जीत
हासील कर
पाँएंगे ? अगर आपका जबाब हाँ, है, तो वो समय कब
आएगा? क्या आप अपने विचारों पर काबू कर सकते है ?
क्या
मानव इतना दुर्बल हो चुका है की के अपने विचारों पर काबू नहीं कर सकता ? विचार हर प्रकार के होते हैं कुछ तो अच्छे विचार और कुछ बुरे। अब फैसला आपको करना है की आपको अपने मन में किसे जगह देना चाहते है। अगर आप बुरे विचारों को अपने जगह देंगे तो आपकी शुरुआत सुखमन्य
होगी, आप
बहुत खुश रहेंगे पर आपका अंत
प्रायस्ताचपूर्ण तथा दुखमय होगा लेकिन आप अच्छे विचार वाले
व्यक्ति है, आपके मन में तनिक नाकारत्मकता नहीं है तो आपकी शुरूआत
आप बेहद तकलिफ भरी या यू कहूँ की आपको नंगे पैर काँटो पर
चुलना होगा पर उस दर्द का इलाज आपकी मंजील होगी। उस सफलता
की चमक ऐसी होगी की आप अपने सारे दुःख
दर्द भूल जाएँगे और
आपका पूरा जीवन इस कदर प्रकाशमान होगा की
होगा की दुःख रूपी अंधकार आपके जीवन में कभी प्रवेश नहीं कर पायेगा।
विचारों को पहचानो बुरे विचार को रोको और अच्छे विचार को
अपने अपने दिमाग में
खुला छोड़ दो क्योंकि वो आपको कभी हानि नहीं पहुंचाएंगे।

1 Comments
Sorry thant is not राम राजू that is राम राज
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